थोड़ी बारिश हुयी, सड़क धँस गयी

थोड़ी बारिश हुयी, सड़क धँस गयी
विकास की टाँग गड्ढे में फँस गयी।

गाय तो निकल गयी पानी में तैरकर
आदमी की कश्ती नाले में सरक गयी।

झुग्गियों में रात भर रिसता रहा पानी
जिन्दगी कुछ यूँ आदमी पे हँस गयी।

@विक्रम
             

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